विकास के दावों की खुली पोल: कीचड़ भरे रास्ते पर 1 किमी शव कंधे पर ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण

सक्ति /
​ एक तरफ जहाँ देश और राज्य सरकारें हर गाँव को पक्की सड़कों से जोड़ने और डिजिटल इंडिया के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के अभाव की एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
​ प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों को एक मृत व्यक्ति के शव को दफनाने (अंतिम संस्कार) के लिए करीब 1 किलोमीटर तक कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से पैदल ले जाना पड़ा।
​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, जिला एवं जनपद मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सोंठी स्थित है यहां के निवासी कमलाबाई महंत का लगभग 60 वर्ष कि उम्र में रात में बीमारी के कारण निधन हो गया था। 3 जुलाई को सुबह 10 बजे जब परिजन और ग्रामीण शव को दफन करने के लिए शमशान की ओर ले जाने लगे, तो गाँव की मुख्य सड़क का नजारा देखकर सबके आंसू छलक उठे। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण पूरी सड़क गहरे कीचड़ और पानी में तब्दील हो चुकी थी।
​रास्ते की हालत इतनी बदतर थी कि वहाँ किसी गाड़ी या एम्बुलेंस का जाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर था। मजबूरन, ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर शव को अपने कंधों पर उठाया और घुटनों तक भरे कीचड़ और मलबे के बीच से होते हुए 1 किलोमीटर का सफर तय किया इसके बाद पानी से भरे बोराई नदी को भी पार किया तब कहीं जाकर शव दफन स्थल तक ग्रामीण पहुंच पाए.

​” गांव के ग्रामीण कई सालों से रेलवे फाटक से होकर बोराई नदी तक एक किलोमीटर के सड़क को पहले चरण में मिटटी मुरम सड़क बनाने कि मांग कर रहे हैं बताया जा रहा है ग्राम पंचायत में इस सड़क को मनरेगा के तहत कार्य करने के लिए प्रस्ताव पास कर दिया है , लेकिन ना तो मनरेगा से ना ही किसी अन्य योजना से सड़क स्वीकृत हो पाया है जिसके चलते आजादी के 75 साल बाद भी बरसात के समय आज भी अपनों को इस हाल में अंतिम विदाई देनी पड़ रही है।”
​ग्रामीणों में भारी आक्रोश
​इस घटना का जानकारी होने के बाद स्थानीय जिला पंचायत, जनपद पंचायत के खिलाफ गांव के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही यह रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है। हर बार उन्हें इसी नर्क जैसे रास्ते से शव दफन करने के लिए गुजरना पड़ता है।

रामनारायण सिदार सचिव ग्राम पंचायत सोंठी

मनरेगा में मिटटी सडक के लिए प्रस्ताव जनपद पंचायत में जमा किया जा चुका है.

​प्रशासन का बयान
​ जिला पंचायत सीईओ वासु जैन शक्ति
ऐसा है तो इस बारे में जानकारी लेकर ही कुछ कह पाऊंगा

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