बालोद। थाना देवरी अंतर्गत चौकी पिनकापार क्षेत्र के ग्राम सम्बलपुर (नाहंदा) में रात के वक्त परिवार के साथ सो रहे गौकरण साहू पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने वाले 6 आरोपियों को बालोद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर भिलाई से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक जिला बालोद योगेश पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) बालोद श्रुती सिंह के पर्यवेक्षण में की गई।
क्या है पूरा मामला?
थाना देवरी चौकी पिनकापार क्षेत्र के ग्राम संबलपुर में देर रात एक युवक पर अज्ञात आरोपियों द्वारा घर में घुसकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया था। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक गौकरण साहू (पिता स्व. नारायण साहू) को परिजनों द्वारा तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना देवरी में अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 109, 332(2), 191(3) बीएनएस (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के लिए थाना देवरी व साइबर सेल की एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटनास्थल पर थाना प्रभारी मनीष शेंडे, थाना स्टाफ, फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की टीम ने तत्काल पहुंचकर निरीक्षण किया। वहां से आवश्यक तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए।
जांच के दौरान घटना के समय घायल के बाजू में सोई उनकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री से बारीकी से पूछताछ की गई। बच्ची ने बताया कि उसने घटना के बाद एक व्यक्ति को पीछे से भागते देखा था। बच्ची छोटी होने के कारण स्पष्ट हुलिया नहीं बता पा रही थी। इसके बाद पुलिस की एक टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दुर्ग-भिलाई की ओर रवाना हुई, जबकि दूसरी टीम स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने में लगी थी।
पूछताछ में हुआ रंजिश का खुलासा
भिलाई के मरोदा पहुंची पुलिस टीम ने संदेही भानूप्रताप जैन को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। आरोपी भानूप्रताप जैन ने बताया कि आहत गौकरण साहू की पुत्री से करीब डेढ़ साल पहले जान-पहचान होने के कारण गौकरण साहू ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने भानूप्रताप को अपने घर बुलाकर उसके और उसके माता-पिता के साथ गाली-गलौज कर बेइज्जत किया था।
इसी बात से रंजिश रखते हुए भानूप्रताप को उसके माता-पिता ने टंकी मडौदा (अपनी नानी के घर) रहने भेज दिया था। इसके बावजूद उसने मन में बदले की भावना रखी और 30 जून 2026 को योजनाबद्ध तरीके से भिलाई से अपने साथियों के साथ सम्बलपुर पहुंचा। रास्ते में उसने बहेराभाठा निवासी अपने एक और साथी को मदद के लिए साथ लिया।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
योजना के मुताबिक, दो साथी घर के बाहर निगरानी कर रहे थे और चार लोग घर के अंदर घुसे। उन्होंने हॉल में सोए गौकरण साहू पर बांस के डंडे और लकड़ी के राफ्टर से सिर, पीठ और कमर पर कई वार किए। मारपीट की आवाज सुनकर गौकरण साहू की 13 साल की बेटी जाग गई, जिसे देखकर भानूप्रताप, दिनेश, दीपेश, कुंदन, नीरज और तुषार सभी वहां से भाग खड़े हुए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सभी आलाजरब (हथियार), मोटरसाइकिल और स्कूटी को आरोपियों के कब्जे से जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते:
- भानूप्रताप जैन पिता युवराज जैन (उम्र 18 साल) – निवासी: खपराभाट, हाल: अम्बेडकर चौक टंकी मडौदा, थाना नेवई।
- नीरज रस्तोगी पिता स्व. अमित रस्तोगी (उम्र 18 साल) – निवासी: गौरी गौरा चौक टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग।
- तुषार निर्मलकर पिता कुमार निर्मलकर (उम्र 20 साल) – निवासी: बजरंग चौक टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग।
- डीनेश ढीमर पिता स्व. पुसऊ ढीमर (उम्र 25 साल) – निवासी: गौरी गौरा चौक टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग।
- कुंदन यादव पिता संतोष यादव (उम्र 18 साल) – निवासी: गणेश चौक टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग।
- दीपेश पटेल पिता जीतूराम पटेल (उम्र 18 साल) – निवासी: बहेराभाठा, थाना देवरी, जिला बालोद।
टीम की सराहनीय भूमिका:
आरोपियों की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी देवरी उप निरीक्षक मनीष शेण्डे, सउनि रामप्रसाद गजबिहे, राजेश ठाकुर, खेमलाल ठाकुर, प्रआर. थलेश्वर सुधाकर, मलेश्वर नेताम, आर. दिलीप बर्मन, संतोष खुटेल, भूपतदास मानिकपुरी तथा साइबर सेल प्रभारी सउनि धरम भूआर्य, प्रआर. भुनेष्वर मरकाम, विवेक शाही, आर. विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे, भोपसिंह साहू, संदीप यादव, आकाश दुबे, पुरन देवांगन, मिथलेश यादव, योगेश पटेल और गुलजारी साहू की सराहनीय भूमिका रही।