दृश्यम स्टाइल मर्डर: आगरा में पति को मारकर बाथरूम में दफनाने वाली पत्नी के रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे

उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आई यह सनसनीखेज वारदात किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, जिसने ‘दृश्यम’ फिल्म के खौफनाक आइडिया को असल जिंदगी में सच कर दिखाया। सिकंदरा इलाके में एक पत्नी ने न सिर्फ अपने पति की बेरहमी से हत्या की, बल्कि शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए लाश को घर के ही बाथरूम में दफन कर दिया। 46 दिनों तक चले इस सनसनीखेज ड्रामे का जब पुलिस ने पर्दाफाश किया, तो कबूलनामे ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए।

इस पूरी वारदात की परत-दर-परत कहानी कुछ इस प्रकार है:

‘दृश्यम’ फिल्म से मिला लाश छिपाने का खौफनाक आइडिया

आरोपी पत्नी रूबी ने पुलिस कस्टडी में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि बहुत पहले देखी गई फिल्म ‘दृश्यम’ उसके दिमाग में बैठ चुकी थी। जब उसने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा की हत्या की, तो उसे जेल जाने से बचने का सिर्फ एक ही रास्ता सूझा—लाश को घर के भीतर ही ऐसी जगह ठिकाने लगा दिया जाए जहां कोई सोच भी न सके। उसने वारदात के लिए अपने घर के बाथरूम को चुना।

खूनी खीर, नमक और ₹400 की मिट्टी का चक्रव्यूह

इस पूरी मर्डर मिस्ट्री को रूबी ने बहुत ही ठंडे दिमाग से अंजाम दिया। 17 जून की रात को उसने घर में रखी नींद की गोलियों को भारी मात्रा में खीर में मिलाया और पति सुरेंद्र को खिला दिया। दवा के ओवरडोज़ से सुरेंद्र की मौत हो गई।

अगली सुबह साजिश को आगे बढ़ाते हुए उसने अपनी बेटियों और सास को जेठ के घर भेज दिया ताकि घर खाली हो सके। इसके बाद उसने बाहर से ₹400 की मिट्टी मंगवाई, खुद बाथरूम का फर्श तोड़ा और पति की भारी-भरकम लाश को घसीटकर गड्ढे में डाल दिया। लाश जल्दी गल जाए, इसके लिए उसने भारी मात्रा में नमक का इस्तेमाल किया और ऊपर से मिट्टी डालकर गड्ढा बंद कर दिया। अगले दिन एक मिस्त्री को बुलाकर उस जगह पर नया प्लास्टर करवा दिया गया ताकि किसी को शक न हो।

जहां दफन थी लाश, वहीं 46 दिनों तक नहाती रही पत्नी

रूबी के भीतर का खौफ किस कदर खत्म हो चुका था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस 10 फीट लंबे बाथरूम के फर्श के नीचे उसके पति का शव सड़ रहा था, वह हर दिन उसी जगह पर जाकर नहाती थी। पूरे 46 दिनों तक वह लाश के ठीक ऊपर खड़े होकर नहाती रही, लेकिन उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं आई। समाज और परिवार के सामने वह लगातार रोने और पति की गुमशुदगी का नाटक करती रही।

एक रूटीन पुलिस वेरिफिकेशन और टूट गया सब्र का बांध

रूबी का यह राज शायद कभी सामने नहीं आता, अगर पुलिस एक पुराने मामले में उसके घर न पहुंचती। साल 2017 के एक ट्रक चोरी के मामले में पुलिस सुरेंद्र का वेरिफिकेशन करने आई थी। जब पुलिस ने रूबी से पूछताछ की और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के नाम पर उसकी फोटो खींची, तो रूबी बुरी तरह घबरा गई। उसे लगा कि पुलिस को सब कुछ पता चल चुका है।

पुलिस के जाते ही डर के मारे उसका सब्र टूट गया। उसने तुरंत अपने जेठ को फोन करके घर बुलाया। घबराहट और खौफ में उसने अपने जेठ के सामने घुटने टेक दिए और कहा, “मैंने उन्हें मार दिया है और बाथरूम में दबाया है।” जेठ ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।

क्या इस खूनी खेल में कोई और भी था शामिल?

पुलिस ने बाथरूम की खुदाई करवाकर सुरेंद्र शर्मा का कंकाल बरामद कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हालांकि, डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के मुताबिक, पुलिस को इस थ्योरी पर पूरा भरोसा नहीं है कि रूबी ने यह सब अकेले किया। एक महिला के लिए अकेले फर्श तोड़ना, भारी लाश को घसीटना और गड्ढा खोदकर दबाना बेहद मुश्किल है।

फिलहाल पुलिस ने रूबी का मोबाइल जब्त कर लिया है। उसकी कॉल डिटेल्स (CDR) और पिछले कुछ महीनों की गूगल सर्च हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि इस खौफनाक साजिश में पर्दे के पीछे से उसकी मदद कौन कर रहा था।

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