अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो प्रमुख सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद लिया गया है। हालांकि, इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
इससे पहले चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में पहली एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
एसआईटी कर रही वित्तीय जांच
जांच एजेंसी बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कुछ कड़ी सिफारिशें की थीं, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई। इसी वजह से ट्रस्ट में हुए इस्तीफों को भी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी। सरकार का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आठ लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला
एफआईआर में राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। सभी पर चढ़ावे से जुड़े धन के कथित दुरुपयोग का आरोप है।
अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।