देशभर में हुए पेपर लीक विवाद के बाद रविवार को दोबारा आयोजित की गई री-नीट परीक्षा के दौरान वाराणसी में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के मैदागिन इलाके में स्थित श्री हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एंट्री से ठीक पहले एक संदिग्ध छात्र को पकड़ा गया। जब सुरक्षाकर्मियों ने उसकी गहन तलाशी ली, तो उसके अंडरगारमेंट्स यानी अंदरूनी कपड़ों से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पुराना नीट प्रश्नपत्र और गोंद बरामद हुआ। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी छात्र को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक जांच के दौरान खुली पोल
परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी सभी परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग यानी मेटल डिटेक्टर से शारीरिक जांच और बायोमेट्रिक हाजिरी ले रहे थे। इसी बीच एक छात्र की हरकतें देखकर सुरक्षाकर्मियों को उस पर शक हुआ। पुलिस ने जब उसे अलग ले जाकर कड़ाई से चेक किया, तो उसके पास से वे तमाम चीजें मिलीं जिन्हें परीक्षा हॉल में ले जाना पूरी तरह बैन है। मौके पर मौजूद कोतवाली थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए छात्र को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई।
बलिया का रहने वाला है आरोपी, जबलपुर में करता था तैयारी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए छात्र ने अपना नाम प्रिंस दुबे बताया है, जो मूल रूप से बलिया का रहने वाला है। छात्र ने कुबूल किया कि वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहकर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहा था और दोबारा हो रही नीट परीक्षा देने वाराणसी आया था। उसके पास से फेविकोल की डिब्बी और पुराने पेपर मिलने से पुलिस को अंदेशा है कि वह किसी सॉल्वर गैंग यानी पैसे लेकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब उसके मोबाइल डेटा और सिम कार्ड की जांच कर रही है ताकि बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जूते उतरवाए और ड्रेस कोड चेक करने के बाद ही मिली एंट्री
इस बार परीक्षा को लेकर वाराणसी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। जिले में कुल 25,678 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए। नकल रोकने के लिए पहली बार हर सेंटर पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात थे। सख्त नियमों के तहत छात्रों के जूते तक उतरवाकर जांच की गई और पूरी फ्रिस्किंग के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया।