मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय दौरे पर रविवार को वायुसेना के विशेष एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क पहुंच चुकी हैं। कूनो हेलीपैड पर उतरते ही मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका शानदार स्वागत किया। इस खास मौके पर केंद्रीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, श्योपुर की कलेक्टर शीला दाहिमा और एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल सहित शासन के कई बड़े अधिकारी वहां मौजूद रहे।

कमांड सेंटर में देखी सैटेलाइट ट्रैकिंग व्यवस्था
कूनो नेशनल पार्क पहुंचते ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सीधे चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर गईं। वहां उन्होंने चीता प्रोजेक्ट की तरक्की को दिखाने वाली एक खास प्रदर्शनी को देखा। वन विभाग के बड़े अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि इस समय पूरे भारत में कुल 52 चीते हैं। इनमें से 49 चीते अकेले कूनो नेशनल पार्क में रह रहे हैं, जबकि 3 चीतों को मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में भेजा गया है। अधिकारियों ने राष्ट्रपति को यह भी समझाया कि कैसे सैटेलाइट ट्रैकिंग व्यवस्था के जरिए यानी अंतरिक्ष में घूम रहे उपग्रहों की मदद से चीतों के गले में लगे बेल्ट को ट्रैक कर उनकी हर हरकत पर नजर रखी जाती है।
बोत्सवाना से चीते लाने में रही राष्ट्रपति की बड़ी भूमिका
अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि भीषण गर्मी में वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए पूरे जंगल में हर दो किलोमीटर पर वाटर पिट यानी पानी के छोटे-छोटे कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं, जिनमें टैंकरों से लगातार पानी भरा जाता है। इस दौरान राष्ट्रपति ने बोत्सवाना देश से आए चीतों के बारे में विशेष रुचि दिखाई। दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मू की बोत्सवाना यात्रा के दौरान ही इन चीतों को भारत लाने का कानूनी रास्ता साफ हुआ था।
राष्ट्रपति मुर्मू आज कूनो नेशनल पार्क के सरकारी गेस्ट हाउस में ही रात गुजारेंगी। अपने इस दो दिनों के दौरे में वे चीता प्रोजेक्ट के काम की जमीनी हकीकत को देखेंगी और आगे की योजनाओं पर वन विभाग के अफसरों से बातचीत करेंगी। राष्ट्रपति के आने से पूरे श्योपुर जिले और कूनो पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।