छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के अंतर्गत आने वाले लोरमी इलाके से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। लोरमी के एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब वहां लोगों ने एक बहुत बड़ा और दुर्लभ ‘अहिराज’ सांप देखा। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाई और सांप को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। समय रहते इस बात की जानकारी वन विभाग को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़कर घने जंगल में छोड़ दिया। सांप के पकड़े जाने के बाद ही मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली।
गली में खेलते हुए बच्चों ने देखा दुर्लभ सांप
यह पूरी घटना लोरमी क्षेत्र की है, जहां रोज की तरह शाम के वक्त गली में कुछ छोटे बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चों की नजर अचानक रेंगते हुए जा रहे इस विशालकाय अहिराज सांप पर पड़ी। सांप का अजीब और डरावना रूप देखकर बच्चे बुरी तरह डर गए और उन्होंने तुरंत भागकर अपने-अपने घरों में माता-पिता को इसकी जानकारी दी। जैसे ही मोहल्ले के लोगों को गली में इतना बड़ा सांप होने का पता चला, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सांप को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन स्थानीय निवासियों ने समझदारी दिखाते हुए सांप पर हमला करने के बजाय तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के दफ्तर में दी।
दो जांबाज कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू
जहरीले और बड़े सांप की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम (Rescue Team) बिना एक पल गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम के दो अनुभवी और जांबाज कर्मचारी प्रदीप निषाद और सुरेश यादव ने बिना डरे मोर्चा संभाला। सांप काफी बड़ा और फुर्तीला था, इसलिए उसे पकड़ने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर की मेहनत के बाद बेहद सुरक्षित तरीके से इस अहिराज सांप का सफल रेस्क्यू (Safar Rescue) किया गया। सांप को एक सुरक्षित थैले में बंद करने के बाद वन विभाग की टीम उसे आबादी से काफी दूर स्थित घने जंगल में ले गई और उसके प्राकृतिक आवास यानी होम ग्राउंड (Home Ground) में आजाद कर दिया।
अहिराज सांप के बारे में जानिए खास बातें
आम पाठकों की भाषा में समझें तो अहिराज सांप को अंग्रेजी में बैंडेड करैत (Banded Krait) कहा जाता है। इस सांप की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि इसके पूरे शरीर पर पीले और काले रंग की चौड़ी पट्टियां यानी धारियां बनी होती हैं। यह सांप बेहद विषैला होता है, लेकिन इसकी एक खासियत यह भी है कि यह आमतौर पर दूसरे छोटे सांपों को अपना भोजन बनाता है। इस सफल ऑपरेशन के बाद वन विभाग के रेंजर और अधिकारियों ने आम जनता से एक बेहद जरूरी अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश और गर्मी के मौसम में अक्सर सांप बिलों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में जब भी कोई सांप दिखे, तो उसके साथ छेड़छाड़ न करें और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना देकर वन्यजीवों की रक्षा में सहयोग करें।