राजेश राज गुप्ता, कोरिया। जिले के जनपद पंचायत सोनहत में विकास कार्यों की रफ्तार तकनीकी अमले की कमी और अधिकारियों की कार्यशैली के कारण प्रभावित होती नजर आ रही है। पूरे जनपद की 42 ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की तकनीकी जिम्मेदारी केवल एक सब इंजीनियर के भरोसे संचालित हो रही है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित सब इंजीनियर का निवास जनपद मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार कोरिया कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र मुख्यालय में निवास करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता के कार्य समय पर हो सकें और विकास कार्यों की निगरानी प्रभावी ढंग से हो। इसके बावजूद संबंधित सब इंजीनियर कथित रूप से आदेशों की अनदेखी करते हुए मुख्यालय में निवास नहीं कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि निर्माण कार्यों से जुड़े तकनीकी अनुमोदन, माप पुस्तिका, प्राक्कलन और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं के लिए पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। अधिकारी के कार्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मुख्यालय में समय पर उपस्थिति ही सुनिश्चित नहीं है, तो दूरस्थ ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कितनी नियमितता से हो रहा होगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
जनपद पंचायत सोनहत में सीसी रोड, नाली, भवन निर्माण, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और अन्य विकास कार्य बड़ी संख्या में संचालित हैं। लेकिन एक ही तकनीकी अधिकारी पर 42 पंचायतों का भार होने से कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और जनपद पंचायत सोनहत में अतिरिक्त तकनीकी अमले की नियुक्ति की जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और कलेक्टर के निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।