भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पकड़े गए नकली नोट नेटवर्क मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी सैफुल इस्लाम से पूछताछ के बाद कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड शरीफ उल इस्लाम की तलाश में जुट गई हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में सैफुल इस्लाम ने शरीफ उल इस्लाम और उसके भाई समीर का नाम बताया है। जांच में सामने आया कि दोनों भाई मिलकर कई राज्यों में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क चला रहे थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि समीर पहले बीएसएफ में तैनात था। वह बांग्लादेश सीमा पर पोस्टेड रह चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार नकली नोटों के मामले में नाम सामने आने के बाद उसे बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था।
पुलिस को आशंका है कि पाकिस्तान में छपी नकली भारतीय करेंसी पहले बांग्लादेश पहुंचाई गई। इसके बाद सीमा के रास्ते भारत में तस्करी कर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की गई। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन खंगाल रही हैं।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018 में कर्नाटक में सामने आए नकली नोट मामले में भी शरीफ उल इस्लाम और समीर का नाम सामने आया था। भोपाल पुलिस अब पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है और दूसरे राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने कुछ दिन पहले सैफुल इस्लाम को करीब 1 लाख 40 हजार रुपए की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पूछताछ में नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियों की टीम पश्चिम बंगाल में दबिश दे रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।