नीट परीक्षा के बाद अब महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी का पेपर भी लीक हो गया है। शनिवार को पेपर लीक होने का खुलासा होने के बाद रविवार को होने वाली इस बड़ी परीक्षा को टाल दिया गया है। इस परीक्षा में राज्य भर के करीब छह लाख छात्र बैठने वाले थे। पुलिस ने असली प्रश्नपत्र के साथ बिहार और हरियाणा के रहने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पकड़ने के लिए बनी विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें इस धांधली के मुख्य सरगना को पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों में भी भेजी गई हैं। पुलिस को सत्ताईस जून को एक गुप्त जानकारी मिली थी कि कुछ लोग परीक्षा का पेपर बेचने की फिराक में हैं। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर असली प्रश्नपत्रों की कई प्रतियां बरामद कीं। शिक्षा विभाग ने भी माना है कि बरामद किए गए पेपर पूरी तरह असली हैं।
पेपर लीक पर छिड़ा भारी सियासी घमासान
इस घटना के बाद राज्य से लेकर केंद्र तक की राजनीति गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना को बेहद निराशाजनक बताया है। उन्होंने साफ कहा है कि इस मामले की पूरी निष्पक्षता और सख्ती के साथ जांच कराई जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे देश के युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठ रहा है। वहीं शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने भी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों में भारी निराशा है।