प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंच गए हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वह वहां के राष्ट्रीय दिवस के 50वें साल के जश्न में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच 50 साल पुराने मजबूत रिश्तों का प्रतीक है।

महासागर सुरक्षा में सेशेल्स का अहम रोल
भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर गहरी साझेदारी है। सेशेल्स हिंद महासागर में एक बेहद महत्वपूर्ण जगह पर बसा हुआ है। इस द्वीप देश के पास से दुनिया के कई जरूरी समुद्री व्यापारिक रास्ते गुजरते हैं। भारत अपने समुद्री सुरक्षा अभियान के तहत सेशेल्स के साथ मिलकर काम कर रहा है। दोनों देश मिलकर समुद्री डाकुओं से निपटने, समुद्री सीमाओं की निगरानी करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इतिहास रचेंगे प्रधानमंत्री मोदी
अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद को संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। यह कदम दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान को दिखाता है। इससे पहले इसी साल फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति भी भारत के दौरे पर आए थे, जिससे दोनों देशों की दोस्ती और गहरी हुई है।
समारोह में शामिल होगी भारतीय सेना
इस खास जश्न का हिस्सा बनने के लिए भारतीय नौसेना के दो जहाज और सेना की एक टुकड़ी भी सेशेल्स पहुंची है। सेशेल्स भले ही आकार में छोटा देश है, लेकिन व्यापार, पर्यटन और मछली पालन के क्षेत्र में इसकी ताकत बहुत बड़ी है। भारत इसके साथ मिलकर नीली अर्थव्यवस्था यानी समुद्र से जुड़े व्यापार को बढ़ाने पर काम कर रहा है। दोनों देशों के बीच संस्कृति, लोकतंत्र और आपसी भरोसे का यह रिश्ता अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है।