छत्तीसगढ़ में बोर्ड रिजल्ट से पहले सियासी भूचाल: पेपर लीक पर मंत्री और पीसीसी चीफ के बीच तीखी जंग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने से ठीक पहले पेपर लीक के मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में आग लगा दी है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव द्वारा पेपर लीक की खबरों को पूरी तरह निराधार बताए जाने पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने करारा पलटवार करते हुए सरकार को भ्रमित बताया है। बैज ने सवाल उठाया है कि जब पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है तो शिक्षा मंत्री किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं और क्या इसमें किसी भाजपा नेता का कनेक्शन है। इसके साथ ही उन्होंने सीतापुर में आदिवासी बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को लेकर राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पुलिस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह नाकाम करार दिया है।

पेंशन रोकने और धान नीलामी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सुशासन तिहार को बताया ढोंग

राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रहार करते हुए दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सरकार की माली हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बुजुर्गों और निराश्रितों को पिछले पांच महीनों से पेंशन तक नसीब नहीं हुई है। उन्होंने मेडिकल स्टोर की जांच के लिए एसडीएम और तहसीलदारों को तैनात करने के फैसले को दवा व्यापारियों पर दबाव बनाने और भ्रष्टाचार का नया जरिया बताया है। धान खरीदी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि लाखों मीट्रिक टन धान खुले में बर्बाद हो रहा है जिसे सरकार औने-पौने दाम पर नीलाम कर रही है। बैज ने एक मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला प्रोपेगेंडा बताते हुए कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सरकार यह ढोंग रच रही है।

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