नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थितियों में सुधार के वैश्विक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जान फूंक दी है। बुधवार को बाजार खुलते ही निवेशकों की चांदी हो गई और कारोबार के शुरुआती दौर में ही सेंसेक्स 900 अंकों की छलांग लगाकर 77,879 के ऐतिहासिक स्तर को छू गया। इस जोरदार तेजी के चलते बीएसई का कुल मार्केट कैप बढ़कर 471 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े पर पहुंच गया जिससे निवेशकों की संपत्ति में मिनटों के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया। बाजार में चौतरफा खरीदारी का आलम यह है कि करीब 2155 शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं और सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में जबरदस्त बढ़त देखी जा रही है।
कच्चे तेल की गिरावट और मजबूत वैश्विक संकेतों ने भरी उड़ान
बाजार की इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट एक बड़ा कारक बनकर उभरी है क्योंकि ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि इससे कंपनियों की इनपुट कॉस्ट कम होती है और व्यापार घाटे पर दबाव घटता है। इसके अलावा एशियाई बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और ऑटो व आईटी जैसे सेक्टरों में हुई वैल्यू बाइंग ने तेजी को और रफ्तार दी है। मारुति सुजुकी और स्टार हेल्थ जैसे शेयरों ने शानदार तिमाही नतीजों के दम पर निवेशकों का भरोसा जीता है जिससे निफ्टी भी 24,280 के स्तर को पार करने में सफल रहा है।