छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ सुपेला थाना क्षेत्र की एसटीएफ कॉलोनी में एक सिरफिरी महिला ने घर में घुसकर आरक्षक की पत्नी और उसके मासूम बेटे को मौत के घाट उतार दिया। मृतिका रीना यादव के पति ललितेश यादव बीजापुर में आरक्षक के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में छुट्टी पर घर आए हुए थे। शनिवार सुबह जब आरक्षक रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन कराने गए थे, तभी घात लगाकर बैठी आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज घर में दाखिल हुई और अंधाधुंध हमला शुरू कर दिया। हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने सो रहे 9 साल के बच्चे पर चाकू से एक के बाद एक 14 वार किए, जिससे उसकी और उसकी मां की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
मां ने पैर पकड़कर बेटियों को बचाया: बाथरूम में छिपकर बची एक मासूम की जान
वारदात के दौरान मां रीना यादव ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आरोपी महिला का पैर पकड़ लिया और अपनी बेटियों को वहां से भागने को कहा। इस संघर्ष के बीच एक बेटी घर से बाहर निकलकर पड़ोसियों को सूचना देने में सफल रही, जबकि दूसरी मासूम ने खुद को बाथरूम में बंद कर अपनी जान बचाई। हालांकि इस खूनी संघर्ष में आरक्षक की दो बेटियां भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं जिनका उपचार जारी है। शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने साहस दिखाते हुए आरोपी महिला को मौके पर ही दबोच लिया और उसके हाथ से खून से सना चाकू छीनकर पुलिस के हवाले कर दिया। प्राथमिक जांच में हत्या की वजह अवैध संबंधों का विवाद बताया जा रहा है क्योंकि आरोपी महिला एक दिन पहले भी आरक्षक के घर आकर हंगामा कर चुकी थी।
जांजगीर की रहने वाली है हत्यारिन: पुलिस हिरासत में शुरू हुई कड़ी पूछताछ
सीएसपी भिलाई सत्यप्रकाश तिवारी के मुताबिक आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज मूल रूप से जांजगीर की रहने वाली है और दुर्ग में किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। यह बात भी सामने आई है कि आरक्षक ललितेश यादव ने शुक्रवार को भी महिला को समझाकर घर से वापस भेजा था, लेकिन शनिवार सुबह उसने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया। इस घटना ने पूरी एसटीएफ कॉलोनी में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस हर उस पहलू की जांच कर रही है जिससे इस दोहरे हत्याकांड की असली साजिश का पर्दाफाश हो सके।