दिल्ली विधानसभा ने विधायी कार्यों में उत्कृष्टता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण को सम्मानित करते हुए कृष्णा नगर से विधायक डॉ. अनिल गोयल को आठवीं विधानसभा के पहले वार्षिक सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार के लिए चुना है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और जनप्रतिनिधियों को सदन में अधिक सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया है। डॉ. गोयल का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि यह समितियों में उनके अथक परिश्रम, ईमानदारी और सदन की मर्यादा बनाए रखने के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आधिकारिक स्तर पर यह माना गया है कि ऐसे सम्मान से पूरी विधायी व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और पारदर्शी कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
360 डिग्री मूल्यांकन से तय हुआ विजेता: 100 अंकों की कसौटी पर परखा गया प्रदर्शन
इस बार सर्वश्रेष्ठ विधायक के चयन के लिए किसी भी तरह के पक्षपात से हटकर एक पारदर्शी और वैज्ञानिक 360-डिग्री मूल्यांकन प्रणाली अपनाई गई थी जिसमें कुल 100 अंकों के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया। मूल्यांकन के पहले चरण में 65 अंक पूरी तरह विधायी रिकॉर्ड के लिए निर्धारित थे जिसके तहत सदन में उपस्थिति, बहस की गुणवत्ता, पूछे गए प्रश्न और विधायी प्रस्तावों की सक्रियता को आधार बनाया गया। शेष 35 अंकों का जिम्मा चयन समिति के पास था जिसने विधायक के समग्र आचरण, गुणात्मक प्रदर्शन और डिजिटल शासन प्रणाली नेवा (NeVA) को अपनाने के प्रति उनकी गंभीरता का बारीकी से आकलन किया। डॉ. अनिल गोयल ने इन सभी मानकों पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है जिससे वे सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाने वाले एक आदर्श जनप्रतिनिधि के रूप में उभरे हैं।
भारी बहुमत की जीत से सर्वश्रेष्ठ विधायक तक का सफर: जनसेवा का अटूट रिकॉर्ड
डॉ. अनिल गोयल की यह उपलब्धि उनके पिछले चुनावी रिकॉर्ड की निरंतरता के रूप में देखी जा रही है जहां फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने कृष्णा नगर सीट से आम आदमी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी को 19,498 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी। विधानसभा के आधिकारिक हैंडल ने भी उनके चयन पर गर्व व्यक्त करते हुए उनकी प्रभावशाली बहस और जनहित के मुद्दों को सदन के पटल पर प्रखरता से रखने की सराहना की है। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुभकामना दी है कि डॉ. गोयल भविष्य में भी इसी जोश और पारदर्शिता के साथ जनता की सेवा करते रहें ताकि अन्य विधायकों के लिए वे प्रेरणा का केंद्र बने रहें। यह पुरस्कार शासन में जवाबदेही तय करने और विधायी संस्थानों के गौरव को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।