छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी आज दिल्ली से रायपुर वापस आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। दरअसल अमित जोगी ने अपने आगमन को लेकर किसी भी तरह के भव्य स्वागत या शोर-शराबे से परहेज करने की बात कही है और समर्थकों से आग्रह किया है कि वे हवाई अड्डे पर भीड़ जमा न करें।
सादगी की अपील और समर्थकों को सख्त निर्देश
अमित जोगी ने भावुक होते हुए लिखा है कि उन्हें समर्थकों का प्रेम और सहयोग मंजूर है लेकिन रायपुर आगमन पर कोई भी पोस्टर, फ्लेक्स या बैनर न लगाया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि शहर में कहीं ऐसे पोस्टर लग चुके हैं तो उन्हें तत्काल हटा लिया जाए। जोगी का कहना है कि उन्हें इस वक्त सादगी और सद्भावना की जरूरत है, न कि साज-सज्जा की। मैदानी सूत्रों का कहना है कि अमित जोगी शाम 5 से 7 बजे के बीच अपने निवास पर समर्थकों से मुलाकात करेंगे लेकिन उन्होंने लंबित न्यायिक प्रकरणों पर मीडिया के सामने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत और हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
बता दें कि अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए उनके सरेंडर करने और जेल जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई और सतीश जग्गी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल अमित जोगी ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस बड़ी कानूनी राहत के बाद रायपुर के सिविल लाइंस और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास जोगी समर्थकों के बीच काफी हलचल है लेकिन अमित जोगी ने अपनी इच्छा का सम्मान करने और सादगी बनाए रखने की अपील कर सबको चौंका दिया है।