आसमान से बरसती आग ने छत्तीसगढ़ को तपाना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और भी तल्ख होने वाले हैं। रायपुर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि प्रदेश के मध्य हिस्सों में लू यानी हीट वेव का प्रकोप बढ़ेगा जिससे राजधानी रायपुर का पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। पिछले चौबीस घंटों में राजनांदगांव 44.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म इलाका रहा जबकि रायपुर में भी तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हवाओं के चक्रवात से बढ़ेगी तपिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में बने प्रति चक्रवात और उत्तर भारत से आ रही शुष्क हवाओं के कारण फिलहाल राहत के आसार कम हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर विदर्भ और कर्नाटक तक फैली द्रोणिका के प्रभाव से वातावरण में नमी कम हो रही है जिससे दोपहर के समय धूप में जलन महसूस की जा रही है। रविवार तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और वृद्धि होने की आशंका जताई गई है जो आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
बस्तर में बारिश और राहत की उम्मीद
भीषण गर्मी के बीच राहत भरी खबर दक्षिण छत्तीसगढ़ से आ रही है जहां बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाएं दस्तक दे सकती हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 अप्रैल के बाद दक्षिण बस्तर के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है जिससे वहां तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि मैदानी इलाकों और उत्तरी छत्तीसगढ़ में अभी दो दिनों तक लू का सितम जारी रहेगा और कुछ स्थानों पर वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।