छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासन ने एक बड़े अवैध गुटखा नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए बासिन गांव में संचालित एक विशाल फैक्ट्री पर धावा बोला है। नंदिनी थाना पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस संयुक्त सर्जिकल स्ट्राइक में मुसाफिर और एम4 जैसे चर्चित ब्रांडों के नाम पर जर्दा युक्त गुटखे का अवैध उत्पादन पकड़ा गया है। हैरानी की बात यह है कि घनी बस्ती से दूर छिपाई गई इस फैक्ट्री में अप्रैल की शुरुआत से ही बड़े पैमाने पर मौत का सामान तैयार किया जा रहा था जिसकी भनक स्थानीय प्रशासन को अब लगी है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 13 मजदूरों को हिरासत में लिया है जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से लाकर यहां काम पर लगाए गए थे। फिलहाल इन मजदूरों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस काले कारोबार के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे सिंडिकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं।
कुम्हारी के रजत सेल्स से जुड़े तार और ब्रांड की आड़ में नकली माल का खेल
जांच के दौरान फैक्ट्री से बरामद मुसाफिर ब्रांड के पैकेटों ने विभाग के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि इन पर कुम्हारी स्थित रजत सेल्स से संबंधित लाइसेंस नंबर अंकित पाया गया है। जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी जितेंद्र नेने के नेतृत्व में पहुंची टीम अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या यह रजत सेल्स की कोई गुप्त इकाई है या फिर ब्रांड के नाम का दुरुपयोग कर जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में सुगंधित जर्दा, पैकिंग मटेरियल, अत्याधुनिक मशीनरी और भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा अवैध केंद्र था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस नंबर की सत्यता की जांच के बाद संबंधित फर्म के खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे अवैध उद्योगों पर लगाम लगाई जा सके।
मजदूरों के नेटवर्क और अवैध सप्लाई चेन पर पुलिस की पैनी नजर
नंदिनी पुलिस इस मामले में केवल फैक्ट्री जब्ती तक सीमित नहीं है बल्कि उन बाहरी कड़ियों को भी खंगाल रही है जो इन बाहरी राज्यों के मजदूरों को दुर्ग लेकर आए थे। प्रारंभिक पड़ताल में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री एक बड़े सप्लाई चेन का हिस्सा थी जो न केवल स्थानीय बाजारों बल्कि पड़ोसी जिलों में भी अवैध गुटखे की खेप खपा रही थी। पुलिस अब उन ट्रांसपोर्टर्स और डीलर्स की सूची तैयार कर रही है जो बासिन गांव की इस फैक्ट्री से नियमित रूप से माल की लोडिंग कर रहे थे। प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद जिले के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी हड़कंप मच गया है क्योंकि विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व की चोरी और जनता की जान जोखिम में डालने वाले किसी भी अवैध कारखाने को बख्शा नहीं जाएगा।