प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बुरी तरह फंस गए हैं। बीजेपी की भारी नाराजगी और शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए खड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। खड़गे पर आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री को ‘आतंकवादी’ कहकर संबोधित किया जिससे चुनावी माहौल में कड़वाहट पैदा हुई है। आयोग ने इस बयान को बेहद गंभीर मानते हुए पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों और संदर्भ में मर्यादा की सीमा लांघी गई। इस नोटिस के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है क्योंकि आयोग इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है।
सफाई के बीच बढ़ा विवाद और अर्बन नक्सल का वार
विवाद बढ़ता देख मल्लिकार्जुन खड़गे ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और उनका इरादा प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से आतंकवादी कहना नहीं बल्कि जांच एजेंसियों के जरिए विपक्ष को डराने की राजनीति पर निशाना साधना था। खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का डर दिखाकर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। दूसरी ओर बीजेपी ने इस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कांग्रेस को अर्बन नक्सल पार्टी करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ता ने दो टूक कहा कि यह कांग्रेस की जहरीली राजनीति का हिस्सा है जो बार-बार प्रधानमंत्री के अपमान पर उतर आती है। फिलहाल गेंद अब चुनाव आयोग के पाले में है और खड़गे के जवाब पर ही कांग्रेस की अगली मुश्किलें टिकी हुई हैं।
