छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न हो पाने को लेकर राजनीति गरमा गई है और भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रायपुर पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे देश की आधी आबादी के साथ बड़ा धोखा करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिल सकता है, तो लोकसभा और विधानसभा में उन्हें उनके हक से वंचित रखना कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल है। साव के अनुसार, पिछले चार दशकों से कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों को दबाती आ रही है और प्रधानमंत्री मोदी की कोशिशों को षड्यंत्र के जरिए रोकने का काम किया गया है।
छत्तीसगढ़ की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी और कांग्रेस को भुगतना होगा अंजाम
डिप्टी सीएम ने राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं और उनकी मौजूदगी को प्रदेश की महिलाओं का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस रंजीता रंजन ने संसद में इस बिल का विरोध करके छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को उनके अधिकारों से दूर रखा, वही आज किस मुंह से यहां सवाल करने आ रही हैं। साव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करने वाली कांग्रेस को यह कृत्य बहुत भारी पड़ेगा और प्रदेश की आधी आबादी इस अन्याय के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। सरकार अब इस मुद्दे पर महिलाओं की आवाज बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है।