रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने पर केंद्र सरकार और एनडीए को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में दो तिहाई बहुमत जुटाने में पूरी तरह नाकाम रही है। बघेल ने आरोप लगाया कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि देश के चुनावी ढांचे को बदलने की एक सोची-समझी कोशिश थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो वह वर्ष 2023 के बिल को तत्काल लागू करे। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से जोड़ने को गलत बताते हुए कहा कि बिना जनगणना के परिसीमन करना छोटे राज्यों के हितों के खिलाफ होगा। बघेल ने सरकार पर जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी लाभ लेने के लिए यह प्रक्रिया लटकायी जा रही है।
बघेल ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और सीमेंट की आसमान छूती कीमतों ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। उन्होंने तंज कसा कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए जल्दबाजी में फैसले ले रही है, जबकि जनता महंगाई और बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।