हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से शेयर बाजार की बढ़त खत्म, निवेशकों के 85 हजार करोड़ डूबे

Share Market :

मुंबई। हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। बाजार में सुबह दिखी शुरुआती तेजी निवेशकों की घबराहट के कारण खत्म हो गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी ऊपरी स्तरों से नीचे गिर गए। इस गिरावट के चलते बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 85,000 करोड़ रुपये घट गया है।

बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,22,37,484.54 करोड़ रुपये था, जो 6 अप्रैल को गिरकर 4,21,52,477.60 करोड़ रुपये पर आ गया। सेक्टरवार प्रदर्शन देखें तो पीएसयू बैंक, मेटल और ऑटो सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन फार्मा और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने दबाव बढ़ा दिया। मिड-कैप शेयरों में जहां खरीदारी देखी गई, वहीं स्मॉल-कैप शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से फिलहाल 12 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। इनमें टाटा ग्रुप की कंपनियां ट्रेंट और टाइटन सबसे ज्यादा मुनाफे में रहीं। आज के कारोबार में बीएसई पर कुल 3,902 शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है, जिनमें से 1,829 शेयर मजबूती के साथ और 1,857 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। 216 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और खाड़ी देशों की अस्थिरता के कारण घरेलू बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। आज के सत्र के दौरान 42 शेयर अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे, जबकि 61 शेयरों ने एक साल का निचला स्तर छुआ। इसके अलावा 166 शेयरों में अपर सर्किट और 115 शेयरों में लोअर सर्किट दर्ज किया गया।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *