छत्तीसगढ़ में मौसम का तांडव: रायपुर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट, बिजली गिरने की भी आशंका

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में आसमान में काली घटाएं छा गई हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट: रहें बेहद सावधान

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। सूरजपुर, कोरिया, पेंड्रा, कोरबा, मुंगेली, बिलासपुर, बालोद, राजनांदगांव और बेमेतरा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज आंधी चलने, बिजली गिरने और मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मैदानी सूत्रों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुँच सकता है।

रायपुर और दुर्ग संभाग में येलो अलर्ट की चेतावनी

राजधानी रायपुर और आसपास के मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। चांपा, बलौदा बाजार, दुर्ग और धमतरी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। रायपुर के प्रमुख चौराहों और खुले इलाकों में धूल भरी आंधी चलने से विजिबिलिटी कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों और आम जनता के लिए जरूरी हिदायत

मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों के किसानों को अपनी कटी हुई फसल और मवेशियों की सुरक्षा के लिए तत्काल जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है ताकि बेमौसम बारिश से नुकसान को कम किया जा सके।

क्या करें और क्या न करें

दरअसल, खराब मौसम के दौरान सुरक्षा के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। बिजली कड़कने के समय किसी भी हाल में खुले मैदान या ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लें। इसके अलावा कमजोर ढांचों से दूरी बनाकर रखें और आंधी-तूफान के दौरान मोबाइल तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करें। गौरतलब है कि स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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