फ्लोरिडा। अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2 अप्रैल को अपने बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट के जरिए इस मिशन ने उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई नागरिक हैं। दल का नेतृत्व कमांडर रीड वाइसमैन कर रहे हैं, जबकि विक्टर ग्लोवर पायलट की भूमिका में हैं। मिशन में कनाडा के जेरेमी हैनसेन और मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की ओर जाने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनकर इतिहास रच रही हैं। यह मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विविधता की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।
10 दिवसीय इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे नहीं, बल्कि उसकी परिक्रमा कर वापस लौटेंगे। शुरुआती 25 घंटों में पृथ्वी की कक्षा में रहकर ओरियन कैप्सूल के लाइफ सपोर्ट, नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके बाद यान चंद्रमा की ओर प्रस्थान करेगा। यह दल चंद्रमा की सतह से करीब 6,400 किलोमीटर आगे तक जाएगा, जो इंसानी इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी की यात्रा हो सकती है।
आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य गहरे अंतरिक्ष में मानव जीवन के लिए जरूरी तकनीकों और प्रणालियों का परीक्षण करना है। यह मिशन नासा की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी बेस बनाने और वहां से मंगल ग्रह तक पहुंचने का रास्ता तैयार करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफल लॉन्चिंग आधुनिक पीढ़ी के लिए अपोलो मिशन जैसी ही प्रेरणादायक उपलब्धि है।
