नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष के 26वें दिन युद्ध की तपिश पड़ोसी देशों तक पहुंच गई है। ईरान ने मंगलवार रात कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया, जिससे वहां स्थित फ्यूल टैंक में भीषण आग लग गई। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
कुवैत की सेना ने इस हमले पर जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की है। सेना के अनुसार, इलाके में सुनाई दे रहे धमाकों की आवाज दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के कारण है। कुवैत के नेशनल गार्ड ने दावा किया है कि उन्होंने अब तक अपने क्षेत्र में 5 ड्रोन मार गिराए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सरकार द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले
इस बीच, इराक के उग्रवादी समूह ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने भी मोर्चा खोल दिया है। समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के भीतर उसने अमेरिका से जुड़े 23 ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं। हालांकि, इन हमलों में हुए जान-माल के नुकसान की आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों को युद्ध के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।