नई दिल्ली। कुकिंग गैस लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य के संवेदनशील रास्ते से गुजरते हुए अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचेंगे। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, जग वसंत और पाइन गैस नामक इन जहाजों को सुरक्षित गलियारे की मंजूरी मिलने के बाद रवाना किया गया है। इन जहाजों के पहुंचने से देश में एलपीजी की आपूर्ति सुधरेगी और संभावित किल्लत का संकट कम होगा।
ये दोनों जहाज लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आ रहे हैं, जिसका उपयोग भारत में घरेलू ईंधन के रूप में किया जाता है। सोमवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात के तट से रवाना होने के बाद ये जहाज ईरान के केशम और लारक द्वीपों के पास पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर इन जहाजों ने ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए स्पष्ट रूप से अपनी भारतीय पहचान प्रदर्शित की है, ताकि तनावपूर्ण समुद्री क्षेत्र में इन्हें किसी बाधा का सामना न करना पड़े। यदि इनकी यात्रा बिना किसी व्यवधान के जारी रहती है, तो सोमवार शाम तक इनके ओमान की खाड़ी पहुंचने की संभावना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से पूरा रास्ता पार करने में लगभग 14 घंटे का समय लगता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब फरवरी के अंत में हुए सैन्य हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव चरम पर है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस शिपमेंट के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्तमान स्थितियों के कारण ईरान ने इस जलमार्ग से आवाजाही पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, हालांकि कूटनीतिक बातचीत के बाद भारत जैसे कुछ देशों के चुनिंदा जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति दी गई है।
शिपिंग डेटा से संकेत मिले हैं कि ईरान वर्तमान में जहाजों को अपने समुद्री तट के करीब से गुजरने का निर्देश देकर यातायात नियंत्रित कर रहा है। इसके विपरीत ओमान के पास वाले सामान्य रास्ते को जोखिम भरा माना जा रहा है, जहां हाल ही में एक जहाज पर हमले की खबर आई थी। उल्लेखनीय है कि जग वसंत ने कुवैत से और पाइन गैस ने यूएई के रुवाइस से एलपीजी लोड की थी, लेकिन युद्ध के हालातों के कारण ये लंबे समय से वहीं फंसे हुए थे।