रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी, मनरेगा के स्वरूप में बदलाव और प्रदेश में बढ़ते अपराधों के विरोध में आज विधानसभा का घेराव किया। घेराव से पहले भारत माता चौक पर आयोजित विशाल सभा में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले इस योजना का 90 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब बजट और नियंत्रण के नाम पर इसे सीमित किया जा रहा है। पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार दबाव में फैसले ले रही है, जिसका सीधा खामियाजा किसानों और मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कड़े शब्दों में सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 56 इंच की बात करने वाली सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि रसोई गैस के दाम ढाई हजार रुपये तक पहुंच गए हैं और आम आदमी को इसके लिए भटकना पड़ रहा है। बघेल ने मनरेगा के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मजदूरों के कानूनी अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
बघेल ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि गरीबों के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। उन्होंने मनरेगा की राशि में कटौती को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि योजना को इस तरह से बदला जा रहा है जिससे इसका लाभ पात्र लोगों तक न पहुंच सके। सभा के बाद कांग्रेस नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच किया।