रायपुर। मनरेगा का स्वरूप बदलने, महंगाई, बेरोजगारी और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आज विधानसभा घेराव कर शक्ति प्रदर्शन किया। घेराव से पहले भारत माता चौक पर एक विशाल जनसभा आयोजित की गई, जिसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 56 इंच का दावा करने वाली सरकार किसानों को खाद तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उन्होंने गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बघेल ने मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के मुंह से निवाला छीनने का काम कर रही है। उन्होंने बस्तर के मुद्दों और कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को न सड़क पर बोलने दिया जा रहा है और न ही विधानसभा में उनकी बात सुनी जा रही है। महंत ने आरोप लगाया कि देश के प्राकृतिक संसाधन उद्योगपतियों को सौंपे जा रहे हैं और गरीब जनता की अनदेखी हो रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल और गैस के बढ़ते दामों को लेकर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना को समाप्त कर जनता पर बोझ बढ़ा दिया है। उन्होंने धान खरीदी में कमी और युवाओं के लिए रोजगार के अभाव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। बैज ने कहा कि प्रदेश में अपराध और अफीम की खेती जैसे नए मामले सामने आ रहे हैं, जो चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आगामी चुनावों में जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी और कांग्रेस की वापसी होगी।