जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में मनरेगा (MGNREGA) योजना के नाम में बदलाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के इस फैसले को ग्रामीण रोजगार की पहचान मिटाने की साजिश करार देते हुए प्रदेशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने एक दिवसीय उपवास रखकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
दंतेश्वरी मंदिर के सामने ‘सत्याग्रह’ बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में आंदोलन की कमान खुद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने संभाली। वे जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने उपवास पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका और उनके सम्मान का प्रतीक है।
दीपक बैज की केंद्र को चेतावनी उपवास के दौरान दीपक बैज ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा:
योजना का नाम बदलना जनता की भावनाओं और मजदूरों की पहचान के साथ खिलवाड़ है।
केंद्र सरकार तत्काल ‘VB जी राम जी योजना’ का नाम बदलकर फिर से ‘मनरेगा’ करे।
यदि सरकार ने इस मांग को अनसुना किया, तो कांग्रेस इस आंदोलन को और भी उग्र रूप देगी।
सियासी टकराव तेज कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार पूर्ववर्ती सरकार की ऐतिहासिक योजनाओं के नाम बदलकर अपनी ब्रांडिंग करना चाहती है। रविवार को हुए इस सांकेतिक विरोध के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। अब देखना यह होगा कि नाम बदलने की इस सियासत पर सरकार का क्या रुख रहता है।