छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर भारी घमासान होने के आसार हैं क्योंकि विधानसभा सचिवालय ने आगामी 30 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र आहूत करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस सत्र का मुख्य केंद्र नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा मुद्दा होगा जिस पर सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होना तय है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे महिलाओं के हक को रोकने वाली ताकतों के खिलाफ सदन में मोर्चा खोलेंगे।
विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव और मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित जनाक्रोश रैली के दौरान विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस विशेष सत्र की रूपरेखा तैयार की थी। सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के क्रांतिकारी प्रस्ताव को विपक्षी पार्टियों ने जानबूझकर पारित नहीं होने दिया जिससे देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात हुआ है। इसी के विरोध में छत्तीसगढ़ सरकार इस विशेष सत्र के दौरान विपक्षी दलों के खिलाफ एक औपचारिक निंदा प्रस्ताव पेश करेगी और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगी।
