कांकेर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ में इस समय सूरज आग उगल रहा है। आसमान से बरसती इस भीषण गर्मी का सबसे बुरा असर अब बेजुबान वन्यजीवों पर पड़ने लगा है। कोरबा के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ heat stroke (लू) की वजह से पिछले 2 से 4 दिनों के भीतर 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है। नौतपा के इस दौर में मौसम विभाग ने कांकेर में heatwave alert जारी किया है, जिसने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है।

पेड़ों से अचानक नीचे गिरने लगे चमगादड़
सरोना गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अजीब नजारा देखने को मिल रहा है। पेड़ों पर रहने वाले चमगादड़ अचानक सीधे जमीन पर गिरने लगते हैं और तड़प-तड़प कर दम तोड़ देते हैं। गांव में हर तरफ चमगादड़ों के शव बिखरे पड़े हैं। रोजाना सैकड़ों चमगादड़ मर रहे हैं। Kanker wildlife tragedy को लेकर जीव विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान सहन न कर पाने और पानी की कमी के कारण चमगादड़ बड़े पैमाने पर डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं।
कोरबा में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
आपको बता दें कि यह छत्तीसगढ़ में इस तरह का पहला मामला नहीं है। अभी हाल ही में कोरबा जिले के पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब के पास भी ऐसा ही bat mortality case देखने को मिला था। वहां भी सैकड़ों चमगादड़ अचानक पेड़ों से नीचे गिरकर मर गए थे। एक के बाद एक दूसरे जिले में हुई इस घटना से पर्यावरण प्रेमी और ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, डॉक्टरों की सलाह
इस भीषण गर्मी का कहर सिर्फ जानवरों पर ही नहीं, बल्कि इंसानों पर भी टूट रहा है। कांकेर के जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। dehydration, उल्टी, चक्कर और लू की शिकायत लेकर लगातार लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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