दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ा दी हैं। कई विशेषज्ञ अब इसे एक ऐसे दौर के रूप में देख रहे हैं जिसे ‘बॉटमिंग जोन’ कहा जाता है। इसका सरल मतलब यह है कि बाजार में गिरावट के बाद अब कीमत एक स्थिर स्तर पर पहुँचने की कोशिश कर रही है।

पुराने पैटर्न से मिल रहे संकेत
बिटकॉइन का पिछला लंबा ठहराव साल 2022 के अंत में देखा गया था, जब इसकी कीमत 15,500 से 16,000 डॉलर के बीच रही थी। जानकारों का मानना है कि मौजूदा बाजार का ढांचा काफी हद तक 2021-22 के समय जैसा ही दिखाई दे रहा है।
ज़ेबपे (ZebPay) के ट्रेड हेड हरीश जी वतनानी का कहना है कि पिछले मार्केट साइकिल में बिटकॉइन ने अपने सबसे ऊंचे स्तर से 60 से 80 प्रतिशत तक की गिरावट देखी थी। इसके बाद ही रिकवरी शुरू हुई थी। मौजूदा समय में भी बिटकॉइन अपने उच्चतम स्तर से लगभग 49 प्रतिशत नीचे आ चुका है। बाजार के इतिहास को देखें, तो यह वह क्षेत्र है जहां अक्सर लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग रुचि दिखाते हैं।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
बिटकॉइन की कीमत में 10 जुलाई की सुबह मामूली उछाल देखा गया और यह 64,000 डॉलर के पार पहुँच गई। पिछले एक हफ्ते की बात करें तो इसमें लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अक्टूबर 2025 में जब इसने अपना अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड 1,26,198 डॉलर बनाया था, तब से इसकी कीमत लगभग आधी हो चुकी है।
बाजार के जानकार निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे किसी भी बड़े फैसले से पहले बाजार की स्थिरता को ध्यान से समझें। हालांकि यह गिरावट उन लोगों के लिए एक अवसर की तरह हो सकती है जो बिटकॉइन को लंबे समय के लिए अपने पोर्टफोलियो में रखना चाहते हैं।