बिजनेस ब्यूरो: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इस समय एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। सबकी नजरें इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी सिफारिशों पर टिकी हुई हैं। कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संघों की आयोग के आला अधिकारियों के साथ लगातार मैराथन बैठकें चल रही हैं। इन बैठकों में सैलरी बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन सुधार जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो रही है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि अगर नया वेतन आयोग लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में कितना उछाल आएगा और उन्हें कितना एरियर (Arrears) मिलेगा। जानकारों का कहना है कि अगर 8वें वेतन आयोग में 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू हो जाता है, तो बड़े अधिकारियों का 20 महीने का अनुमानित एरियर करीब 53 लाख रुपये के पार पहुंच सकता है। आयोग को अपना ज्ञापन सौंपने की आखिरी तारीख 15 जून 2026 तय की गई है, जबकि 22 और 23 जून को लखनऊ में भी एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
जानिए कब तक लागू हो सकती है नई सैलरी और क्यों मिलेगा मोटा एरियर
हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की किसी फिक्स तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। लेकिन वित्तीय मामलों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए मिलने वाले 18 महीने के समय को देखते हुए इसे 2027 के आखिरी महीनों में लागू किया जा सकता है। नवंबर 2025 में आयोग का कार्यकाल तय होने के बाद अगर यह मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपता है, तो कैबिनेट की मंजूरी और बाकी सरकारी कागजी कार्रवाई में 3 से 6 महीने का वक्त और लग सकता है। इस हिसाब से नई सैलरी अगस्त या सितंबर 2027 तक खाते में आने की उम्मीद है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 7वें वेतन आयोग की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 को ही खत्म हो चुकी है। ऐसे में कर्मचारियों को नए नियमों के तहत 1 जनवरी 2026 से एरियर दिया जाएगा। लागू होने में जितनी देरी होगी, कर्मचारियों को एकमुश्त उतनी ही मोटी रकम मिलेगी।
लेवल 11 से 14 वाले बड़े अधिकारियों को होगा सबसे बंपर फायदा
इस नए वेतनमान के लागू होने से सबसे तगड़ा मुनाफा ग्रुप-ए (Group-A) के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को होने वाला है। इनमें केंद्र सरकार के विभागों में तैनात डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर, प्रोफेसर, चीफ इंजीनियर, वैज्ञानिक और वरिष्ठ संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जो पे लेवल 11 से लेकर लेवल 14 के तहत आते हैं। वर्तमान समय में लेवल 11 के अधिकारी की शुरुआती बेसिक सैलरी 67,700 रुपये, लेवल 12 की 78,800 रुपये, लेवल 13 की 1,23,100 रुपये और लेवल 14 के बड़े अधिकारियों की बेसिक सैलरी 1,44,200 रुपये है। अगर सरकार 2.0 से लेकर 2.86 तक का कोई भी फिटमेंट फैक्टर तय करती है, तो इन अधिकारियों का मूल वेतन सीधे डबल के करीब पहुंच जाएगा।
जानिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर कितना बढ़ेगा मूल वेतन और कितना बनेगा एरियर
अगर सरकार सबसे न्यूनतम यानी 2.0 का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) भी मानती है, तो लेवल 11 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़कर 1,35,400 रुपये हो जाएगी और उनका 20 महीने का एरियर करीब 13,54,000 रुपये बनेगा। इसी तरह लेवल 14 के बड़े अफसरों की बेसिक सैलरी सीधे 2,88,400 रुपये पर पहुंच जाएगी और उन्हें 28,84,000 रुपये का एकमुश्त एरियर मिलेगा। अगर इस फॉर्मूले को थोड़ा और बढ़ाकर 2.28 या 2.57 कर दिया जाता है, तो लेवल 14 के अधिकारियों का एरियर क्रमश: 36.91 लाख रुपये और 45.27 लाख रुपये के भारी-भरकम आंकड़े को छू लेगा।
2.86 का फिटमेंट फैक्टर लगा तो खाते में आएंगे 53 लाख से ज्यादा रुपये
अब बात करते हैं उस सबसे बड़े फॉर्मूले की जिसकी मांग कर्मचारी संगठन लगातार कर रहे हैं। अगर 8वें वेतन आयोग में 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू हो जाता है, तो सैलरी में अब तक का सबसे ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा। इस फॉर्मूले के तहत लेवल 11 के अधिकारियों की बेसिक सैलरी 1,93,622 रुपये हो जाएगी और उनका 20 महीने का एरियर 25,18,440 रुपये बनेगा। लेवल 12 के अधिकारियों को 29,31,360 रुपये और लेवल 13 के अधिकारियों को 45,79,320 रुपये का एकमुश्त भुगतान होगा। वहीं सबसे शीर्ष पर बैठे लेवल 14 के वरिष्ठ अधिकारियों की संशोधित मूल सैलरी सीधे 4,12,412 रुपये महीना पहुंच जाएगी, जिससे उनका 20 महीने का कुल अनुमानित एरियर 53,64,240 रुपये बनेगा। कर्मचारियों को यह बात ध्यान रखनी होगी कि यह एरियर सिर्फ उनके बढ़े हुए मूल वेतन (Basic Salary) पर कैलकुलेट होता है। इसमें महंगाई भत्ता (DA) या मकान किराया भत्ता (HRA) शामिल नहीं होता है, क्योंकि उनके नियम अलग से तय किए जाते हैं।