देश की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। छात्रों के लगातार चल रहे जोरदार आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सरकार के सामने लगातार बढ़ रहे दबाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
राष्ट्रपति ने मंजूर किया इस्तीफा
शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने के बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है। सरकार की तरफ से इस बात की औपचारिक जानकारी दे दी गई है। उनके अचानक पद छोड़ने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
अब प्रल्हाद जोशी संभालेंगे मंत्रालय की कमान
शिक्षा मंत्री का पद खाली होने के बाद सरकार ने नई जिम्मेदारी तय कर दी है। अब शिक्षा मंत्रालय की पूरी कमान कैबिनेट मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंपी गई है। राष्ट्रपति भवन से जारी निर्देश के मुताबिक प्रल्हाद जोशी के पास जो मंत्रालय पहले से हैं, वे उनके साथ ही शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

छात्रों के आंदोलन और विरोध के बीच हुए इस बड़े फेरबदल के बाद अब नए मंत्री के सामने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी इन पुरानी समस्याओं को सुलझाने की बड़ी चुनौती होगी। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि नया नेतृत्व छात्रों की मांगों पर किस तरह का कदम उठाता है।