AIADMK के सहारे सरकार बचाने की तैयारी? CM विजय पर बढ़ा दबाव, CPIM ने दी समर्थन वापसी की चेतावनी

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा सियासी घमासान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार बने अभी 10 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन सहयोगी दलों की नाराजगी सामने आने लगी है। वामपंथी दल CPIM ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर TVK सरकार AIADMK के बागी विधायकों को साथ लेकर सरकार मजबूत करने की कोशिश करती है, तो पार्टी अपना समर्थन वापस लेने पर विचार कर सकती है।

CPIM के राज्य सचिव पी षणमुगम ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि TVK को समर्थन सिर्फ इसलिए दिया गया था ताकि तमिलनाडु में दोबारा चुनाव की स्थिति न बने और बीजेपी को राष्ट्रपति शासन लगाने का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि जनता ने DMK और AIADMK दोनों के खिलाफ जनादेश दिया था, इसलिए AIADMK के नेताओं को सरकार में शामिल करना जनता की भावना के खिलाफ होगा।

CPIM ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री विजय AIADMK या उसके किसी गुट के विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह देते हैं, तो पार्टी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगी। इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है।

दरअसल, चर्चा है कि AIADMK के 25 बागी विधायक सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विजय सरकार को स्थिर करने के लिए इन विधायकों को साथ लेने पर विचार कर रहे हैं। इसी अटकल के बीच CPIM की चेतावनी सामने आई है।

वर्तमान में TVK को कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML का समर्थन मिला हुआ है। इन दलों के समर्थन से ही विजय सरकार बनी है। अगर CPIM समेत अन्य सहयोगी दल नाराज होते हैं तो सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि AIADMK के बागी विधायकों का समर्थन मिलने पर सरकार गिरने का खतरा कम रहेगा, लेकिन इससे जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है। यही वजह है कि TVK की कोर टीम अब संतुलन बनाने में जुटी हुई है।

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