गुंडरदेही एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर से बोर खनन की अनुमति, आरोपी के खिलाफ एफआईआर के निर्देश

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर बोर खनन के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। गुंडरदेही एसडीएम के नाम से एक कूटरचित पत्र तैयार कर शासकीय कार्यालय की सील और जाली हस्ताक्षर का उपयोग किया गया। मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है।

प्रशासनिक सख्ती के बीच धोखाधड़ी

उल्लेखनीय है कि शासन ने जल स्तर में गिरावट को देखते हुए बिना अनुमति बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। अत्यंत आवश्यक होने पर ही एसडीएम कार्यालय द्वारा गहन जांच के बाद ही खनन की अनुमति दी जाती है। ग्राम गोड़ेला निवासी जनक लाल साहू ने इसी नियम से बचने के लिए पांच अप्रैल की तिथि में एसडीएम गुंडरदेही के नाम का एक फर्जी अनुमति पत्र तैयार कर लिया। दस्तावेज को असली दिखाने के लिए इसमें फर्जी आवक-जावक क्रमांक और सील का भी इस्तेमाल किया गया।

एसडीएम ने दिए कार्रवाई के आदेश

धोखाधड़ी का यह मामला तब सामने आया जब कार्यालय को इस फर्जी पत्र की सूचना मिली। एसडीएम प्रतिमा ठाकरे ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। पत्र में उपयोग की गई सील और हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने आरोपी जनक लाल साहू के खिलाफ संबंधित थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

जांच के घेरे में अन्य मामले

इस घटना के बाद राजस्व विभाग सतर्क हो गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने यह फर्जीवाड़ा अकेले अंजाम दिया है या इसमें किसी गिरोह का हाथ है। साथ ही हाल के दिनों में हुए अन्य बोर खनन की अनुमतियों की भी जांच की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी के झांसे में न आएं और केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से ही अनुमति प्राप्त करें।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *