लीजिए अब महाराष्ट्र के तरबूज का स्वाद

लोकल खत्म, आशंका तेजी की

राजकुमार मल

भाटापारा- लोकल खत्म होने की राह पर। महाराष्ट्र से तरबूज की खरीदी कर रहा है छत्तीसगढ़ का फल बाजार क्योंकि तरबूज में सीजन की मांग ने रफ्तार पकड़ ली है।

महानदी के तटीय क्षेत्र अब खाली होने लगे हैं। साथ फिलहाल सरगुजा का ही मिल रहा है लेकिन सीजन की मांग और बोनी क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए प्रदेश का फल बाजार महाराष्ट्र से तरबूज खरीद रहा है। जहां इस बरस तरबूज की फसल जोरदार होने की खबर है।


महानदी का तटीय क्षेत्र खाली

प्रदेश की जीवनरेखा महानदी का तटीय क्षेत्र अब खाली हो चुका है। कमजोर मांग के बीच तरबूज का विक्रय इसलिए करना पड़ा क्योंकि परिपक्व हो चुकी थी फसल। अब मौसम के तेवर बदलते ही मांग निकली हुई है। इसलिए महाराष्ट्र से सौदे की शुरुआत करनी पड़ी। इस बीच सरगुजा के तरबूज को किसानों का साथ मिलने लगा है।


आशंका तेजी की

फिलहाल 1000 से 1200 रुपए क्विंटल पर थोक बाजार स्थिर है लेकिन इसमें 200 से 300 रुपए की तेजी आने की आशंका है क्योंकि परिवहन और मजदूरी व्यय बढ़ चुकी है। यह स्थिति खुदरा बाजार को प्रभावित कर सकती है लेकिन ज्यादा असर नहीं पड़ने की संभावना इसलिए है क्योंकि सीजन की मांग रफ्तार पकड़ने लगी है।


निर्यात शून्य

खाड़ी देश छत्तीसगढ़ के तरबूज के सबसे ज्यादा उपभोक्ता रहे हैं लेकिन खाड़ी युद्ध की वजह से निर्यात सौदे शून्य हैं। जो देश छत्तीसगढ़ से तरबूज की खरीदी करते रहे हैं उनमें कतर, कुवैत, सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश मुख्य हैं। निर्यात सौदे शून्य होने के बावजूद तेजी की धारणा को इसलिए बल मिल रहा है क्योंकि सीजन की मांग अब जाकर निकलती नजर आ रही है।

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