नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए नगर निगम ने कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क यानी ईसीसी में 50 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद एमसीडी ने दिल्ली के सभी 124 टोल प्लाजा पर नई ईसीसी दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। अब हल्के मोटर वाहनों के लिए शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये और भारी ट्रकों के लिए 2600 रुपये से बढ़ाकर सीधा 4000 रुपये कर दिया गया है।
गौरतलब है कि अब तक दूध, सब्जी, फल और अनाज जैसे जरूरी सामान लाने वाले वाहनों को जो छूट मिलती थी, उसे पूरी तरह खत्म कर दिया गया है जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका है। आदेश के मुताबिक अब हर साल एक अप्रैल को इस शुल्क में पांच प्रतिशत की अनिवार्य बढ़ोतरी की जाएगी।
निगम का मुख्य उद्देश्य भारी वाहनों को दिल्ली के भीतर आने से हतोत्साहित करना और उन्हें बाहरी एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ना है ताकि शहर में जाम और जहरीले धुएं से राहत मिल सके।
राजस्व की बात करें तो एमसीडी को टोल से सालाना करीब 900 करोड़ और ईसीसी से 100 करोड़ रुपये की कमाई होती है। गाजीपुर जैसे व्यस्त बॉर्डर पर जाम कम करने के लिए अब वाहनों को जांच के लिए बीच सड़क पर रोकने की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है।