NFHS-6 रिपोर्ट: देश में घटे बाल विवाह और घरेलू हिंसा के मामले, लेकिन महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा मोटापा

नई दिल्ली। देश के स्वास्थ्य और सामाजिक हालात को लेकर जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) 2023-24 की रिपोर्ट कई अहम तस्वीरें सामने लेकर आई है। रिपोर्ट के अनुसार देश में बाल विवाह और घरेलू हिंसा के मामलों में कमी दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ी है, जो चिंता का विषय बन गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2019-21 की तुलना में महिलाओं में मोटापा 7 प्रतिशत बढ़ गया है। वहीं घरेलू हिंसा की दर 29.2 प्रतिशत से घटकर 22.3 प्रतिशत रह गई है। बाल विवाह के मामलों में भी कमी आई है और यह आंकड़ा 23.3 प्रतिशत से घटकर 20.1 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में भी सुधार देखने को मिला है। कामकाजी महिलाओं का प्रतिशत 25.4 से बढ़कर 30.8 हो गया है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या भी दोगुनी होकर 64.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे डिजिटल जागरूकता और तकनीक तक पहुंच बढ़ने के संकेत मिलते हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मिली-जुली तस्वीर

रिपोर्ट में बताया गया है कि निजी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी का प्रतिशत 54.1 तक पहुंच गया है। वहीं जन्म के बाद शुरुआती छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने की दर 63.7 प्रतिशत से घटकर 55.8 प्रतिशत हो गई है।

देश में बिजली और स्वच्छ पेयजल की पहुंच भी बेहतर हुई है। अब 98.3 प्रतिशत घरों तक बिजली और 96.5 प्रतिशत घरों तक साफ पानी उपलब्ध है।

बच्चों के पोषण से जुड़े आंकड़ों में कुछ राहत जरूर मिली है। कुपोषण के कारण नाटेपन की समस्या 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत रह गई है। हालांकि 6 महीने से 2 साल तक के केवल 15.3 प्रतिशत बच्चों को ही संतुलित और पर्याप्त आहार मिल पा रहा है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में चिंता के आंकड़े

बाल विवाह के सबसे कम मामले केरल में दर्ज किए गए हैं, जबकि पश्चिम बंगाल और बिहार में यह समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है। घरेलू हिंसा के मामले में हिमाचल प्रदेश सबसे बेहतर स्थिति में है, जबकि बिहार सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है।

रिपोर्ट यह संकेत देती है कि देश में कई सामाजिक क्षेत्रों में सुधार हो रहा है, लेकिन महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चों के पोषण को लेकर अभी भी गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।

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