उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बहुत तेज कर दी है. इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को अदालत से 13 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस इस समय अवधि के दौरान आरोपी से बेहद कड़ाई और गहराई से पूछताछ कर रही है ताकि इस बड़ी वारदात से जुड़े सभी छिपे हुए सच सामने आ सकें. सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को जिला जेल से बाहर निकालकर कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन लाया गया है, जहां जांच अधिकारियों की एक विशेष टीम उससे लगातार सवाल-जवाब कर रही है.
तैयार की 30 सवालों की लिस्ट, ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी
इस पूरे मामले की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी यानी केस की बारीकी से पड़ताल करने वाले अफसर ने आरोपी अविनाश के लिए करीब 30 तीखे सवालों की एक लंबी सूची तैयार की है. इन सवालों के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की गई इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल आखिर कहां-कहां किया गया है. इसके साथ ही पुलिस को यह भी शक है कि क्या मंदिर के इस चढ़ावे को गायब करने में कोई बाहरी या अंदर का व्यक्ति भी उसका साथ दे रहा था. पूछताछ के दौरान आरोपी जो भी बयान दे रहा है, पुलिस उसका मिलान पहले से मिले सबूतों से कर रही है. खबरों की मानें तो पुलिस टीम आरोपी अविनाश शुक्ला को लेकर अयोध्या में स्थित उसके किराए के मकान योग साधनालय और उसके पैतृक घर प्रतापगढ़ भी जा सकती है, ताकि वहां से चोरी के पैसे या अन्य साक्ष्य बरामद किए जा सकें.
बीजेपी विधायक और वीएचपी नेता भी आए जांच के घेरे में
इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी बड़ा तूल पकड़ लिया है. अयोध्या राम मंदिर की इस घटना के बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े कई अन्य लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है. इतना ही नहीं, अब इस मामले में बड़े नेताओं पर भी सीधे और गंभीर आरोप लगने शुरू हो गए हैं. कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रभु चव्हाण और विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता गोपाल के खिलाफ विशेष जांच दल यानी एसआईटी के सामने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत में इन दोनों ही बड़े चेहरों पर भगवान के नाम पर आने वाले चंदे को हड़पने और उस पैसे से अपने नाम पर बेहिसाब काली कमाई व संपत्ति बनाने के सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं.
शिकायतकर्ता ने एसआईटी को सौंपे पुख्ता सबूत
जांच टीम को दी गई इस शिकायत में दावा किया गया है कि इन दोनों नेताओं ने मंदिर के नाम पर देश-विदेश से भारी मात्रा में चंदा इकट्ठा किया था, जिसका कोई सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया. शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पास इन दोनों नेताओं के खिलाफ चंदे की हेराफेरी करने और बेहिसाब जायदाद बनाने के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने पुलिस के बड़े अधिकारियों को सौंप दिया है. अयोध्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की रिमांड पूरी होने के बाद जो भी नए तथ्य और जानकारियां सामने आएंगी, उनके आधार पर केस में आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले के सामने आने के बाद से ही राम भक्तों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.