आज से संसद का मानसून सत्र: BAC बैठक में 6 महत्वपूर्ण बिलों का एजेंडा तय, हंगामे के आसार

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आगामी सत्र के विधायी कार्यों की रूपरेखा तैयार करते हुए 6 प्रमुख संशोधन विधेयकों पर चर्चा के लिए समय का आवंटन किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों से संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए सदन के सुचारु संचालन और रचनात्मक चर्चा में सहयोग की अपील की है।

इन 6 प्रमुख विधेयकों पर होगी चर्चा

मानसून सत्र के दौरान देश के प्रशासनिक, न्यायिक और आर्थिक ढांचे से जुड़े कई अहम बिल पेश किए जाएंगे:

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने वाले इस बिल पर सबसे ज्यादा 5 घंटे की चर्चा तय की गई है।
  • उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के जल्द निपटारे के उद्देश्य से जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रावधान वाले इस विधेयक पर 4 घंटे बहस होगी।
  • विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA): विदेशी अनुदानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले इस विधेयक के लिए 4 घंटे का समय आवंटित किया गया है।
  • आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026: भारतीय सॉवरन डेट मार्केट को मजबूत करने और वैश्विक पूंजी प्रवाह आकर्षित करने से जुड़े इस बिल पर 4 घंटे चर्चा की जाएगी।
  • जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक कड़ा व व्यवस्थित बनाने वाले इस विधेयक पर 4 घंटे विचार होगा।
  • राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026: राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर दंडात्मक प्रावधानों को सख्त करने वाले इस बिल पर भी 4 घंटे की चर्चा का समय रखा गया है।

पहले ही दिन तीखी बहस की संभावना

सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के पूरे संकेत हैं। सरकार द्वारा राज्यसभा में ‘वंदे मातरम् बिल’ पेश किए जाने की योजना है, जिसका विपक्ष विरोध करने की तैयारी में है। इसके अतिरिक्त, चुनावी चंदे के मुद्दों, नीट परीक्षा विवाद, सोनम वांगचुक के विषय और राजनीतिक दलों के पुनर्गठन जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर दोनों सदनों में जोरदार हंगामे के आसार हैं। परंपरा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सत्र की शुरुआत से पूर्व मीडिया को संबोधित कर सदन को जनहित में उत्पादक बनाने का आह्वान कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *