विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रबुद्धजनों का सम्मान
सूरजपुर में ‘आज की जनधारा’ का छत्तीसगढ़ विकास संवाद कार्यक्रम
सूरजपुर : ‘आज की जनधारा द्वारा’ रविवार को सूरजपुर में ‘छत्तीसगढ़ विकास संवाद एवं पुरस्कार सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, उद्योग और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के विकास पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित ‘वन टू वन’ संवाद में वरिष्ठ पत्रकार एवं एंकर पृथा शुक्ला ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से विभिन्न समसामयिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान मंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन, महिला सशक्तिकरण, कुपोषण उन्मूलन, शिक्षा, बुनियादी विकास और बस्तर में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलावों पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि उनका राजनीतिक सफर एक साधारण परिवार से शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि समाज में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना ही उनका प्रमुख लक्ष्य रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। आज महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
अपने मंत्री पद के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद सबसे पहले उन्होंने सभी योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके बाद यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि प्रत्येक योजना का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए लगातार क्षेत्रीय दौरे और समीक्षा बैठकों का सिलसिला आज भी जारी है।
महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इन समूहों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग इनके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। कौशल विकास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कुपोषण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि आदिवासी अंचलों में यह सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों और विभिन्न पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है और कुपोषण को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिली है।
अपने विधानसभा क्षेत्र भटगांव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय वहां 18 गांव ऐसे थे, जहां बिजली की सुविधा नहीं थी। आज उन गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है और लोगों के घर रोशन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कभी विकास की दृष्टि से काफी पिछड़ा माना जाता था, लेकिन अब वहां सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय यह इलाका नक्सल प्रभाव के कारण विकास से वंचित था, लेकिन अब डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यहां विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि भटगांव विधानसभा में पहले शैक्षणिक संस्थानों की भारी कमी थी। अब केंद्रीय विद्यालय सहित कई नए कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावी ढंग से प्रदेश में लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं और अब वे लखपति से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का सपना भी साकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कौशल विकास सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को मिल रहा है।
प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास पर उन्होंने कहा कि सूरजपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
संस्कारयुक्त शिक्षा पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि यह उनकी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही संस्कार आधारित शिक्षा देने के साथ-साथ सुपोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव में आई कमी के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार की पुनर्वास और कौशल विकास योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटकर नया जीवन शुरू किया है। उन्हें स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के कारण महिलाओं में विश्वास बढ़ा है और वे दोबारा हिंसा के रास्ते पर नहीं लौटने का संकल्प ले रही हैं।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और महिलाओं, युवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में यह यात्रा लगातार आगे बढ़ती रहेगी।