दिल्ली में हुए प्रदर्शन और उसके बाद भड़की हिंसा के मामले में जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है. पुलिस अब इस पूरे मामले की बहुत गहराई से पड़ताल कर रही है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हंगामे के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हिंसा को क्या पहले से ही प्लान किया गया था.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि हिरासत में लिए गए सभी लोग छात्र नहीं हैं. इनमें कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जिनका पढ़ाई-लिखाई से कोई दूर-दूर तक नाता नहीं है. अब पुलिस इन लोगों की असली भूमिका की जांच कर रही है. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों की नजर कुछ ऐसे सोशल मीडिया खातों पर टिकी है जो पाकिस्तान से चलाए जा रहे थे. इन खातों के जरिए लगातार भ्रामक जानकारियां और झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं. सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया था कि हिंसा के दौरान कई लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. पुलिस ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें. पुलिस का कहना है कि जो लोग इस हिंसा और साजिश में शामिल हैं, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. सभी संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.