छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में गुरुवार रात अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक प्रतिष्ठित व्यवसायी के घर को कत्लगाह बना दिया। बिर्रा थाना क्षेत्र के करहि गांव में करीब रात 12 बजे तीन नकाबपोश बदमाश घर के पिछले दरवाजे से दाखिल हुए और सोते हुए परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस सनसनीखेज हमले में 19 वर्षीय युवा रेत कारोबारी आयुष कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका छोटा भाई आशुतोष गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों ने इतनी बेरहमी दिखाई कि आयुष के सीने और कनपटी को निशाना बनाकर गोलियां दागीं जिससे उसे संभलने का एक मौका तक नहीं मिला।
रंजिश या लूट: ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष के परिवार को दहलाने की बड़ी साजिश
मृतक आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप न केवल लोहे के बड़े व्यापारी हैं बल्कि ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व उपसरपंच भी रह चुके हैं। घटना के वक्त घर में चीख-पुकार मच गई और हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि शुरुआती जांच में इसे लूट की कोशिश माना जा रहा था क्योंकि बदमाशों ने पैसों की मांग की थी लेकिन परिजन इसे सोची-समझी व्यावसायिक रंजिश बता रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि आयुष हाल ही में रेत के कारोबार से जुड़ा था और घटना वाली रात ही वह जांजगीर-चांपा से एक रेत गाड़ी छुड़वाकर घर लौटा था जिसके कुछ ही देर बाद उसकी हत्या कर दी गई।
दहशत में गांव और पुलिस की तफ्तीश पर टिकी निगाहें
इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल आशुतोष कश्यप को आनन-फानन में जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है और नकाबपोशों की पहचान के लिए घेराबंदी तेज कर दी गई है। राजनीतिक रसूख रखने वाले इस परिवार पर हुए जानलेवा हमले के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और आक्रोशित ग्रामीण जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।