3.80 करोड़ की खरीदी घोटाले में बड़ी कार्रवाई: वरिष्ठ लेखा परीक्षक रोशन कुमार पटेल निलंबित

बिना निविदा फर्जी खरीदी, ई-मानक पोर्टल की आईडी का दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी के आरोप; कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

सक्ती। जिले के शिक्षा विभाग में करीब 3 करोड़ 80 लाख 59 हजार 439 रुपये 48 पैसे की कथित अनियमित खरीदी के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ लेखा परीक्षक (तत्कालीन सहायक ग्रेड-2) रोशन कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, सक्ती द्वारा जारी आदेश में शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

आदेश के अनुसार भाजपा मंडल अध्यक्ष बाराद्वार, सक्ती, अड़भार, भोथिया, जैजैपुर, हसौद, मालखरौदा और चंद्रपुर द्वारा रोशन कुमार पटेल के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने तत्कालीन सहायक ग्रेड-2 रहते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के स्थान पर स्वयं की ई-मानक पोर्टल आईडी का उपयोग कर संबंधित फर्मों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अपने हस्ताक्षर से बिना निविदा करोड़ों रुपये के क्रय आदेश जारी किए।

शिकायत के अनुसार चार अलग-अलग क्रय आदेशों के माध्यम से 12 फरवरी 2021 को 1.47 करोड़ रुपये, 17 मार्च 2022 को 1.67 करोड़ रुपये, 31 अक्टूबर 2020 को 43.69 लाख रुपये तथा 30 मार्च 2020 को 21.56 लाख रुपये की खरीदी की गई। इन सभी खरीदारियों की कुल राशि 3,80,59,439.48 रुपये बताई गई है।

आदेश में यह भी उल्लेख है कि सेजेस विद्यालयों के लिए जिम उपकरण, रसायन सामग्री, मध्यान्ह भोजन के बर्तन सहित अन्य सामग्री का क्रय बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए किया गया। आरोप है कि विद्यालयों के प्राचार्यों को क्रय समिति की बैठक में शामिल नहीं किया गया, नोटशीट पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराए गए, संबंधित विद्यालयों से सामग्री खरीदी की सहमति नहीं ली गई तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सीधे सामग्री खरीदी कर उसका भुगतान विद्यालयों से कराया गया। इसके अलावा मरम्मत कार्य के लिए प्राप्त राशि से 1.49 लाख रुपये की पुस्तकों की खरीदी कर भुगतान करने का भी आरोप है।

कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि शिकायतें प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत रोशन कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मालखरौदा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये की कथित अनियमित खरीदी के मामले में हुई इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। अब पूरे मामले की विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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