रायपुर। छत्तीसगढ़ के निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत मिलने वाली फीस की प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार, 18 अप्रैल को प्रदेश के सभी निजी स्कूल बंद रहेंगे। इससे पहले शुक्रवार को स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
एसोसिएशन का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से आरटीई की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में शासन द्वारा कक्षा पहली से पांचवीं तक के लिए 7,000 रुपये और छठवीं से आठवीं तक के लिए 11,400 रुपये प्रति छात्र वार्षिक भुगतान किया जा रहा है, जो 2011 में तय किया गया था। संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन फीस वृद्धि पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो वे लॉटरी के माध्यम से चयनित नए बच्चों को प्रवेश नहीं देंगे। 1 मार्च से जारी असहयोग आंदोलन के तहत यह तालाबंदी की जा रही है, जबकि राज्य शासन ने गर्मी के कारण 20 अप्रैल से पहले ही स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं।
