महासमुंद
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोमाखान पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान टेमरी जांच नाका पर एक एंबुलेंस से 77 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस को चकमा देने के लिए तस्करों ने एंबुलेंस का सहारा लिया था, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस मामले में महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह खेप ओडिशा के बालीगुडा से महाराष्ट्र के सोलापुर ले जाई जा रही थी। एंबुलेंस के आगे एक कार पायलेटिंग कर रही थी ताकि रास्ते में पुलिस की मौजूदगी की खबर तस्करों तक पहुंच सके। पुलिस ने दोनों वाहनों को रोककर जब तलाशी ली, तो एंबुलेंस के भीतर गांजा छिपा मिला। आरोपियों के पास से 77 किलो गांजा, एंबुलेंस, पायलेटिंग कार और 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इस पूरी कार्रवाई में करीब 50 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। पकड़े गए सभी आरोपी महाराष्ट्र के धाराशिव और सोलापुर जिले के रहने वाले हैं।
महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से नशे के खिलाफ चल रहे सघन अभियान का हिस्सा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार महीनों में पुलिस ने 84 अलग-अलग मामलों में 221 आरोपियों को जेल भेजा है और लगभग 6093 किलो गांजा जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से अधिकांश बाहरी राज्यों के निवासी हैं, जो छत्तीसगढ़ के रास्तों का उपयोग तस्करी के लिए कर रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।