महुआ मोइत्रा पर फेंके अंडे और बैंगन: टीएमसी सांसद का आरोप, कालीगंज पार्टी दफ्तर में बीजेपी समर्थकों ने किया हमला

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से एक बड़ी और हैरान करने वाली सियासी खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस की कद्दावर सांसद महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। महुआ मोइत्रा का दावा है कि नादिया के कालीगंज इलाके में स्थित तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में उनके ऊपर अंडे और बैंगन फेंके गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल के समर्थक लगातार पार्टी दफ्तर की तीसरी मंजिल को निशाना बना रहे थे और वहां अंडे व बैंगन फेंक रहे थे। इस घटना के बाद से इलाके में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।

पुलिस पर लगाया मूकदर्शक बने रहने का आरोप

सांसद महुआ मोइत्रा ने इस पूरी घटना की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों के साथ साझा की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बाद भी पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची। इतना ही नहीं, सांसद का कहना है कि वहां मौजूद रहने के बावजूद पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की और केवल मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक बीजेपी या स्थानीय पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

हाईकोर्ट ने अंडे फेंकने की घटनाओं पर जताया था कड़ा एतराज

यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य में नेताओं या आरोपियों पर अंडे फेंकने की बढ़ती आदतों पर बहुत सख्त टिप्पणी की है। अदालत में इस विषय पर एक जनहित याचिका यानी आम जनता के अधिकार के लिए लगाई गई अर्जी पर सुनवाई चल रही थी। अदालत की बेंच ने राज्य सरकार को साफ निर्देश दिया है कि किसी पर भी अंडा फेंकने की घटना होने पर पुलिस को तुरंत एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।

हिरासत में मौजूद व्यक्ति की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी व्यक्ति पर सिर्फ आरोप लग जाने से उसके बुनियादी अधिकार खत्म नहीं हो जाते। जब कोई व्यक्ति पुलिस या राज्य की सुरक्षा में होता है, तो उसकी हिफाजत करना पूरी तरह से सरकार की जिम्मेदारी होती है। हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार से आगामी बीस जुलाई तक जवाब मांगा है। सरकार को हलफनामा देकर यह बताना होगा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं।

कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

इस मामले पर राज्य सरकार के वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि सरकार किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने बताया कि जबरन वसूली जैसे मामलों के आरोपियों पर अंडा फेंकने वाले कुछ लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत ने सरकार को भविष्य के लिए सख्त नियम बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।

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