झारखंड के धनबाद जिले के गोविंदपुर से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां के वास्तु विहार स्थित एक आवासीय कॉलोनी में रहने वाली युवती की मौत के बाद उसका शव पांच दिनों तक घर में ही पड़ा रहा। सहायता न मिलने पर उसके भाई ने घर के बाथरूम में ही शव को जलाने का प्रयास किया। मृतक युवती की पहचान लिपिका कुमारी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से मानसिक तनाव में बताई जा रही थी।
मिली जानकारी के अनुसार, लिपिका की मौत 8 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। उसके भाई प्रणव राजवर्धन ने अंतिम संस्कार के लिए पड़ोसियों से मदद मांगी थी, लेकिन किसी के आगे न आने पर उसने 12 अप्रैल को घर के भीतर ही कपड़ों और रजाई की मदद से शव को आग लगा दी। घर से तेज धुआं और दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
गोविंदपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और शव के अवशेषों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लिपिका के पिता, जो एक वैज्ञानिक थे, उनकी मृत्यु के बाद से पूरा परिवार मानसिक अवसाद से जूझ रहा था। पुलिस इस मामले की हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। भाई से पूछताछ की जा रही है और कॉल डिटेल्स के जरिए अन्य तथ्यों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने समाज में संवेदनशीलता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
