‘ऑपरेशन नुमखोर’ का बड़ा खुलासा: भूटान रूट से 15 हजार से ज्यादा लग्जरी कारों की तस्करी, फिल्मी हस्तियां भी जांच के घेरे में

हाल ही में सीमा शुल्क विभाग की कार्रवाई ‘ऑपरेशन नुमखोर’ के तहत एक बड़े वाहन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में सामने आया है कि भूटान के रास्ते करीब 15,849 लग्जरी गाड़ियां बिना टैक्स और कस्टम ड्यूटी चुकाए भारत में रजिस्टर कराई गईं। शुरुआती जांच केरल में महज 35-40 गाड़ियों से शुरू हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह आंकड़ा हजारों में पहुंच गया। इस घोटाले से सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।

फिल्मी सितारे भी जांच के दायरे में
इस मामले में कई चर्चित हस्तियों और फिल्मी कलाकारों के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि इन्होंने नियमों को दरकिनार कर इन गाड़ियों की खरीद की। पूर्वोत्तर राज्यों, खासकर भूटान सीमा से लगे इलाकों में बड़ी संख्या में वाहन संदिग्ध तरीके से पंजीकृत पाए गए। असम में अकेले 464 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन सामने आया है, जबकि केरल में 50 से ज्यादा वाहनों को जब्त किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कोयंबटूर का एक गिरोह पिछले 10-15 वर्षों से इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

इसी कड़ी में अभिनेता दुलकर सलमान को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनके नाम से जुड़ी दो लग्जरी गाड़ियों को लेकर जांच जारी है। वहीं, कारोबारी अमित चमक्कल के घर से भी एक महंगी कार जब्त की गई है।

डिजिटल ऑडिट में खुली पोल
इस घोटाले का खुलासा ‘नेशनल व्हीकल रजिस्ट्री’ के डिजिटल ऑडिट के दौरान हुआ। जांच में पाया गया कि कई गाड़ियों को सेना से नीलाम बताकर फर्जी ‘डिस्पोजल सर्टिफिकेट’ के आधार पर भारत लाया गया। इतना ही नहीं, महंगी कारों के लिए मंत्रालयों और विदेशी दूतावासों के नाम पर नकली दस्तावेज भी तैयार किए गए, ताकि कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके।

नकली दस्तावेजों से किया गया बड़ा खेल
सीमा शुल्क विभाग की जांच में सामने आया कि ये दस्तावेज बेहद उच्च गुणवत्ता के थे और पहली नजर में असली लगते थे। हालांकि, गहन जांच के बाद इनके फर्जी होने की पुष्टि हुई। अब इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने और भविष्य में ऐसी तस्करी रोकने के लिए भारत-भूटान सीमा पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।

सीमा पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी
इस मामले के बीच केरल के मुन्नार में भारत-भूटान सीमा शुल्क अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में लग्जरी वाहनों की तस्करी पर रोक लगाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की जा रही है।

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